अथ ग्रहों के अनुसार महामारी का विवरण

Description of epidemic according to planets share via Whatsapp

Description of epidemic according to planets


इंडिया न्यूज सेंटर,जालंधरः
4 नवंबर 2019 को बृहस्पति धनु राशि में केतु शनि दो पाप ग्रहों से युति करके चांडाल योग बनाता है। जिस कारण दुनिया में कोरोना नाम के संक्रमित महामारी का अंकुर पैदा करता है। 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण होना भी महामारी को बल देता है। 7 फरवरी को मंगल धनु राशि में प्रवेश करता हुआ  केतु की पुष्टि करता है। जो दुनिया में खलबली मचा देता है, लेकिन 24 जनवरी 2020 को शनि मकर राशि में प्रवेश करने पर इस रोग से होने वाली मृत्यु दर को कम करता है। 22 मार्च 2020  शनि मंगल की युति जो दो पाप ग्रह बलवान हो जाने पर शनि स्व राशि में तथा मंगल उच्च राशि में होना  बृहस्पति द्वारा चांडाल योग से पूरी दुनिया में कौरोना  ने अपना तांडव शुरू कर दिया था। बृहस्पति व केतु की युति से महामारी के माध्यम से होने वाले भारत में सत्संग तथा अनुष्ठान कथा यज्ञ  आदि रुक गए।  जिस कारण यह रोग और पुष्ट हो गया 25 मार्च को भारतीय संस्कृति के अनुसार नया वर्ष प्रवेश मीन राशि में होने पर चीन को घातक होगा 25 मार्च को नया विक्रम संवत प्रतिपदा को बुधवार और बुधवार स्वती नक्षत्र होने पर प्रभावित देशों में उत्पात मचाता है। 29 मार्च 2020 को  गुरु नीच राशि में प्रवेश करने पर  महामारी शीघ्र गति को प्राप्त करके जन-धन हानि करता है। 4 जून को मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करने पर  देश विदेशों में कुछ मनोबल बढ़ता है। जनता का  तथा मृत्यु दर को घटाता है और 12 मई को शनि वक्री होने पर शनि बलवान हो जाता है जो महामारी को बढ़ावा देता है तथा 14 मई को गुरु भी नीच राशि में वक्री होना भी इस संक्रमित रोग को प्रभावित करता है। तथा लगातार रोग में वृद्धि  होती रहेगी 21 जून को  सूर्य ग्रहण होगा यह  चूड़ामणि होगा यह भी विशेष महामारी को प्रबल बल देता है 18 जून को मंगल मीन राशि में प्रवेश करने पर चीन को घातक सिद्ध हो सकता है। 29 जून को गुरु धनु राशि में प्रवेश करने पर रोग कई गुना अधिक बढ़कर जुलाई में हाहाकार मचा सकता है। 23 सितंबर को राहु केतु  राशि परिवर्तन करने पर बृहस्पति बलवान होकर देश में शांति तथा रोग का निदान मिलना व रोग से छुटकारा मिलेगा।

विशेष:-  चीन और भारत की राशि का स्वामी गुरु है गुरु केतु के साथ होने पर दोनों देश के बीच  युद्ध की स्थिति पैदा करके विश्वयुद्ध को जन्म दे सकता है।

नोट :-  जनवरी-फरवरी 2021 में भी ग्रह स्थिति अच्छी नहीं है।
अग्निकांड युद्ध रोग आदि से विशेष  क्षति योग है।
परमात्मा सबका कल्याण करें सबको सद्बुद्धि दे।

ज्योतिष शास्त्र, पंडित जयकुमार शर्मा
                  9460034325
                   7568299564
चांदाराम ज्योतिर्विज्ञान भवन

Description of epidemic according to planets
OJSS Best website company in jalandhar
Source: INDIA NEWS CENTRE

Leave a comment






11

Latest post