किसानों को बकाया देने से इंकार कर रहे सरकारी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करेंः सुखबीर बादल

Register cases against govt officials denying dues to farmers starting from top - Sukhbir Badal share via Whatsapp

Register cases against govt officials denying dues to farmers starting from top - Sukhbir Badal

 सरकार चाहे प्राईवेट मिलों को अपने अधिकार क्षेत्र में ले, पर यह यकीनी बनाए कि वे गन्ने की पेराई करें तथा किसानों का बकाया दें

इंडिया न्यूज सेंटर,भोगपुऱः
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि  उन सभी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाएं, जिन्होने गन्ना उत्पादकों को उनके बकाया देने से इंकार किया है। उन्होने यह भी मांग की कि गन्ने की पेराई तथा किसानों के बकाया की सुनिश्चित समय पर अदायगी को आवश्यक बनाने के लिए सरकार निजी चीनी मिलों को अपने अधिकार में ले। यहां किसानों के एक बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए अकाली दल के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की निंदा करते हुए कहा कि गन्ना उत्पादकों से हो रही बेइंसाफी के कारण किसानों में बढ़ रही बैचेनी के बावजूद मुख्यमंत्री के पास किसान नेताओं से मिलेने के लिए जरा भी समय नही है। इसके बिल्कूल उल्ट पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल लोगों तथा खासतौर पर किसानों को हमेशा ही समय देते हैं। उन्होने कहा कि बादल साहिब ने 2015-2016 में सरकार की तरफ से किसानों को 50 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया था। मौजूदा सरकार को भी यह करना चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए कि अकाली वर्कर पहले ही फगवाड़ा में किसान आंदोलन में भाग ले चुके हैं तथा इसके अलावा वे गन्ना उत्पादकों को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी तरफ से भी संधर्ष कर रहें हैं, सरदार बादल ने कहा कि सरकार को तुरंत ब्याज समेत किसानों को 417 करोड़ रूपए का बकाया जारी करने चाहिए। अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि कितनी निंदनीय बात है कि सरकार उन निजी चीनी मिलों के आगे बेबस महसूस कर रही है, जो पिछले एक महीने से गन्ने की पेराई करने से इंकार कर रहीं हैं। उन्होने कहा कि सरकार को इन मिल मालिकों को सही रास्ते पर लाना चाहिए यां फिर मिलों को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लेना चाहिए। सरदार बादल ने कहा कि सरकार ने न सिर्फ गन्ना उत्पादकों का बल्कि धान उत्पादकों का भी नुकसान किया है। उन्होने कहा पहले सरकार ने धान की बिजाई दस दिन लेट करवा दी, जिससे पैदावार कम हो गई तथा फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई। उन्होने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए 100 रूपए से लेकर 150 रूपए प्रति क्विंटल तक की रिश्वत देनी पड़ी। इससे गेंहू की बिजाई भी पिछड़ गई, जिसके कारण गेंहू की पैदावार पर भी असर पड़ेगा। इस अवसर पर पार्टी के सीनियर नेताओं ने किसानों के हक में आंदोलन को तेज करने तथा किसानों को झूठे केसों से बचाने के लिए उनके साथ डटकर खड़े होने का ऐलान किया। इस अवसर पर संबोधित करने वालों में सरदार सिकंदर सिंह मलूका, बीबी जागीर कौर, सोहन सिंह ठंडल, गुरप्रताप सिंह बडाला, पवन कुमार टीनू , बलदेव खैहरा, सुरेंद्र सिंह बुल्लेवाल राठां, बलजीत सिंह नीलामहल, सतपाल मल, कुलवंत सिंह मनन, अमरजीत सिंह थिंद तथा सर्बजोत सिंह साबी भी शामिल थे।

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Source: INDIA NEWS CENTRE

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