चुनावी द्राक्षावल्लरी से कहां टपकेगा अंगूर

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▪ बहराइच में त्रिकोणात्मक मुकाबले के आसार


रिपोर्ट -- सचिन श्रीवास्तव
बहराइचः
भारत नेपाल सीमा स्थित बहराइच जिले में बैसाख की तपिश शुरू होते ही चुनावी तापमान बढ़ने लगा है।सभी राजनैतिक दल शतरंजी गोटें बिछाने में मशगूल नजर आ रहे है।सूत्रों की माने तो भाजपा और सपा-गठबंधन आपसी गुटबाजी और अंर्तकलह से जूझ रही है वही भगवा चोले में कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री बाई फुले भी कार्यकर्ताओ को रास नही आ रही है। फुले के कांग्रेस में इंट्री के बाद से उनके पहनावे पर कांग्रेसी सवालिया निशान उठा रहे है। 6 मई 2019 को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रमुख दलों भाजपा,सपा-बसपा गठबंधन,कांग्रेस सहित 10 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है।लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी चौसर पर शह और मात के खेल में दलगत उम्मीदवारों ने वोटरों की गणेश परिक्रमा कर चुनाव की मुख्य लड़ाई में आने की पुरजोर कोशिश की है। करीब 18 लाख मतदाता प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आगामी 6 मई को होने वाले मतदान के दिन करेंगे। सवेंदनशील लोकसभा बहराइच(सु.) क्षेत्र में मुख्यालय से 50 कि.मी. दूर नेपाल सीमा पर एसएसबी के जवान कड़ी चौकसी बरत रहे है।भारत नेपाल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में नेपाल ने शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न होने के लिए पूरा सहयोग देने का वायदा किया है।परिसीमन के बाद लोकसभा चुनाव 2009 से सुरक्षित सीट बनी बहराइच लोकसभा क्षेत्र में बहराइच,मटेरा,नानपारा, महसी और बलहा विधानसभा सीटें शामिल है।विगत विधानसभा चुनाव  में चार विधानसभा बहराइच,नानपारा, महसी,बलहा में भाजपा का परचम और सिर्फ मटेरा विधानसभा में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की है।लोकसभा चुनाव में भाजपा संगठन के विरोध के बावजूद सावित्री बाई फुले को भाजपा ने टिकट दिया और वे मोदी लहर में चुनाव भी जीत गयी लेकिन उनका कभी भी संगठन से तालमेल नही रहा।और वे सवर्णों के खिलाफ हमेशा आग उगलती रही तथा छह माह पूर्व उन्होंने भाजपा छोड़ दिया।गत लोकसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर आए पूर्व विधायक शब्बीर अहमद बाल्मीकि पर एक बार फिर दांव लगाया गया है और महागठबंधन के प्रत्याशी रूप में मुस्लिम,यादव व दलित वोटों के सहारे वोटरों को रिझाने में लगे हुए है।पिछले लोकसभा में भाजपा से सावित्री बाई फुले को 4,32,392,सपा के शब्बीर अहमद बाल्मीकि को 3,36,747,बसपा के डॉ० विजय कुमार को 96,904 तथा कांग्रेस से कमांडो कमल किशोर को 24,421 वोटों से संतोष करना पड़ा था।कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री बाई फुले को जिताने की कार्ययोजना को क्रियान्वित करने में कांग्रेसी जुट गए है।वही आगामी 28 अप्रैल 2019 को कांग्रेस महासचिव व पूर्वांचल प्रभारी प्रियंका गांधी की नानपारा में होने वाली महारैली को सफल बनाने में पदाधिकारी लगे है।बहराइच लोकसभा क्षेत्र के लगभग 18 लाख मतदाता जिसमें 9,11,553 पुरुष, 8,01716 महिलायें प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 06 मई 19 को होने वाले मतदान के दिन करेंगे।क्षेत्र में जातिगत मतदाताओं की संख्या मुस्लिम लगभग 06 लाख,यादव 1 लाख 50,000 हजार, कुर्मी 1,30,000,ठाकुर 60,000,ब्राह्मण 2 लाख,कायस्थ 65,000 व दलित व अन्य जातियां लगभग 06 लाख जाति है।भाजपा प्रत्याशी अक्षयवर लाल गोंड हिन्दुत्व और मोदी की छवि पर वोट मांग रहे है।मतदाताओं को रिझाने के लिए भी सघन दौरे शुरू कर दिए है इसी कड़ी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में 25 अप्रैल को राजनाथ सिंह महसी क्षेत्र में तथा 30 अप्रैल को पीएम मोदी की रैली बहराइच नगर में प्रस्तावित है।सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी शब्बीर अहमद बाल्मीकि एम वाई फैक्टर मुस्लिम,यादव व दलित के सहारे अपनी वैतरणी पार लगाने में जुटे है।बहराइच लोकसभा(सु०) क्षेत्र में अभी तक जो स्थिति सामने आयी है उसमें भाजपा,सपा-बसपा महागठबंधन और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच त्रिकोणात्मक संघर्ष होने के  आसार नजर आ रहे है।देखना यह है कि 06 मई 2019 को होने वाले मतदान के बाद चुनावी द्राक्षावल्लरी से किस दल की झोली में जीत का अंगूर टपकेगा।

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Source: INDIA NEWS CENTRE

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