नार्दन रेलवे के महाप्रबंधक ने किया अमृतसर व जालंधर वर्कशाप का निरीक्षण

General Manager of Northern Railway did inspect Amritsar and Jalandhar workshop share via Whatsapp

General Manager of Northern Railway did inspect Amritsar and Jalandhar workshop


अमृतसर-यांत्रिक कारखाने में अपनी किस्म के पहले बॉक्सएन एचएल वैगन और आरएफआईडी टैग युक्त बीवीसीएम वैगनों को झंण्डी दिखाकर रवाना किया

अमृतसर सांसद औजला व जालंधर के विधायक राजिंदर बेरी से भी की मुलाकात

इंडिया न्यूज सेंटर,अमृतसर/जालंधरः
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक  विश्वेश चौबे ने आज शुक्रवार को भारतीय रेलवे के अमृतसर स्थित यांत्रिक कारखाने में अपनी किस्म के पहले बॉक्सएन एचएल वैगन और आरएफआईडी टैग युक्त बीवीसीएम वैगनों को झंण्डी दिखाकर रवाना किया है। अमृतसर यांत्रिक कारखाना भारतीय रेलवे का पहला ऐसा कारखाना है जिसने नए तैयार किए गए वैगनों पर आरएफआईडी का टैग लगाया है। उन्होंने अमृतसर कारखाना की“परियोजना सक्षम” की विवरणिका का विमोचन भी किया है। ये वैगन अमृतसर यांत्रिक कारखाना में तैयार किए गए हैं ।  ट्रैकसाइड आर.एफ.आई.डी. रीडर की सहायता से इस तकनीक के प्रयोग से चल स्टॉक की पहचान के साथ-साथ चल-स्टॉक की ट्रैकिंग संभव हो पाती है। अमृतसर यांत्रिक कारखाना भारतीय रेलवे का पहला ऐसा कारखाना है जिसने नए तैयार किए गए वैगनों पर आरआईडी का टैग लगाया है।  इस कारखाने द्वारा आज तक 50 बॉक्सएन एचएल वैगन और बीवीसीएम वैगनों पर आरएफआईडी टैग लगाए गए हैं।  आरएफआईडी तकनीक का उपयोग चल-स्टॉक को आईडेण्टीफाई और ट्रैक करने में किया जा सकता है।  वैगन संख्या, वैगन का प्रकार इत्यादि का विवरण आरएफआईडी टैग में अद्यतन किया जा सकता है जिससे उनके अनुरक्षण कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है तथा उन के मैनुअल रिकॉर्ड की आवश्यकता से बचा जा सकता है।  एक वैगन में दो आरएफआईडी टैग लगाए जाते हैं।  वैगनों पर आरएफआईडी टैग की लागत 576/- रुपए प्रति वैगन है तथा एक वैगन पर इसे लगाने में 50 मिनट का समय लगता है।  चौबे ने अमृतसर यांत्रिक कारखाना में हेड स्टॉक सेक्शन, मशीन शॉप, रोलर बियरिंग, वैगन शॉप, स्मिथ शॉप- जहाँ बोगी व वैगन वैल्डिंग की जाती है, - का निरीक्षण करने के साथ-साथ एल.एच.बी. बोगी साइड फ्रेम के लिए वैल्डिंग मशीन, प्रिसिजन ऑटोमेशन एंड राबाटिक इंडिया(पीएआरआई) के एलएचबी बोगी बोल्स्टर एवं 13 टीआईसीएफ साइड फ्रेम का भी निरीक्षण किया।  महाप्रबंधक ने नवनिर्मित बॉक्सएन वैगनों और हाई-वैल्यु वैगनों के रि-हेबिलिटेशन के लिए बने मॉडल रूम का भी निरीक्षण किया।  उन्होंने आरएफआईडी टैग युक्त 50वें बीवीसीएम और 250वें बॉक्सएन एचएल वैगन को झण्डी दिखाकर रवाना किया।  मशीन शॉप में आरएफआईडी टैग युक्त वैगनों की पहचान का प्रदर्शन किया गया।  चौबे ने सुखमनी पार्क, अमृतसर कारखाना में आयोजित एक वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया।  बाद में, उन्होंने उत्तर रेलवे के प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ एक इन-हाउस बैठक भी की जहाँ अमृतसर कारखाने में हो रही नवीनतम गतिविधियों को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर, पुल कारखाना, जलंधर के मुख्य कारखाना प्रबंधक,  चरनजीत सिंह तथा अमृतसर स्थित यांत्रिक कारखाना के कारखाना प्रबंधक संजय गोयल अपने-अपने कारखानों में निरीक्षण के दौरान उपस्थित थे।  दोनों कारखानों में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं से  चौबे को अवगत कराया गया ।  विभिन्न अनुरक्षण इकाईयों और उनके परिसरों के निरीक्षण के दौरान चौबे ने अनुरक्षण कारखानों में चल-स्टॉक की संरक्षा सुनिश्चित करने को पहली प्राथमिकता देने पर बल दिया।  उन्होंने अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया ताकि समयपालनबद्धता की स्थिति और बेहतर हो।  उन्होंने दोनों कारखानों में चल रहे फैब्रिकेशन कार्यों और भारी मरम्मत कार्यों इत्यादि की सराहना की। उन्होंने सेक्शन में ट्रैक एवं सिगनलिंग प्रणाली के स्टॉक का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के लिए अमृतसर-जलंधर रेल सैक्शन का विण्डो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया उसके बाद जालंधर पुल कारखाना ने उच्च गुणवत्ता वाले स्टील फैब्रिकेशन कार्यों अर्थात् कैलेण्डर हेमिल्टन स्पैन जैसे इमरजैन्सी गर्डरों के कार्यों के साथ-साथ फुट-ओवर-ब्रिजों और प्लेटफॉर्म शैडों के लिए विभिन्न ढांचों का निर्माण करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।  यह कारखाना आरसीसी/पीएससी ब्रिज स्लैबों की कास्टिंग भी करता है।

 

महाप्रबंधक चौबे ने सांसद औजला व विधायक बेरी से की मुलाकात
 
चौबे जलंधर विधानसभा के माननीय विधायक श्री राजिन्दर बेरी और अमृतसर के लोक सभा सांसद श्री गुरजीत सिंह औजला से भी मिले और प्रमुख क्षेत्रीय माँगों और मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की।  महाप्रबंधक के साथ माँगों और मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की।  महाप्रबंधक के साथ उत्तर रेलवे फिरोज़पुर मण्डल के मण्‍डल रेल प्रबंधक श्री विवेक कुमार,उत्तर रेलवे के प्रमुख विभागाध्यक्षगण और वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद थे।

 क्या अमृतसर वर्कशाप का इतिहास

अमृतसर यांत्रिक कारखाना उत्तर रेलवे का सबसे पुराना कारखाना है।  स्वतंत्रता-पूर्व को यह कारखाना लोक निर्माण विभाग की मशीनों की मरम्मत करने के साथ-साथ आयुध कारखाने को सेवा प्रदान करने में सहयोगी रहा है।  भाप के इंजनों की ओवर हॉलिंग के लिए रेलवे द्वारा वर्ष 1956 में इस कारखाने के अधिग्रहण से पहले यह भाखड़ा नंगल बाँध के उपकरणों का निर्माण भी कर रहा था। यह कारखाना धीरे-धीरे वैगन निर्माण और अत्याधुनिक वैगनों के विकास और हेरिटेज वैगनों को री-स्टोर करने वाले एक प्रमुख कारखाने के रुप में विकसित हो गया।  इस कारखाने ने एलएचबी डिब्बों के लिए बोगी बोल्स्टर, एनर्जी सेविंग स्क्रू एया कम्प्रेसर का विकास करने के साथ-साथ बॉक्सएन वैगन का री-हेबिलिटेशन तथा डीएमयू डिब्बों की मरम्मत इत्यादि का कार्य किया है।

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Source: INDIA NEWS CENTRE

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