'वायु' चक्रवात ने अपना रास्ता बदला, गुजरात को मिली थोड़ी राहत

'Wind' cyclone changed its path, Gujarat got some relief share via Whatsapp


'Wind' cyclone changed its path, Gujarat got some relief

तटरक्षक बल, सेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर


नेशनल डेस्कः 
गुजरात के लोगों के लिए आज का दिन राहत की खबर लेकर आया है। जब चक्रवात 'वायु' ने अपना रास्ता बदल लिया। अब इस चक्रवात का गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है। हालांकि तटवर्ती जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होगी। इस बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने और तेज हवा चलने की संभावना की चेतावनी दी है। दो दिन से अपनी सांस रोके बैठे गुजरात के लोग जिस वायु तूफान के खतरे की आशंका में दहशत में बैठे हुए थे, अब वो बड़ा खतरा टल गया है। चक्रवात 'वायु' ने अपना रास्ता बदल लिया है और ये गुजरात तट से नही टकराया है। इसने थोड़ा सा उत्तर पश्चिम की तरफ रुख कर लिया है और यह गुजरात तट के किनारे-किनारे से गुजर रहा है। तूफान भले ही टल गया हो लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ये गिर सोमनाथ, जूनागढ़, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका जिलों तथा केंद्र शासित क्षेत्र दीव को प्रभावित करेगा। इन इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तूफान के चलते राज्य के कई तटीय जिलों में बारिश हो रही है और तेज हवाएं भी चल रही हैं। कुछ जगहों पर नुकसान की खबर है। पोरबंदर में भूतेश्वर महादेव मंदिर का एक हिस्सा गिर गया। राज्य सरकार ने कहा है कि स्थिति अब भी ''गंभीर'' है। सरकार के मुताबिक चक्रवात अब भी खतरनाक है और तूफान के मध्य भाग के जमीन से न टकराने के बावजूद यह तट पर अपना प्रभाव छोड़ेगा। प्रचंड तूफान का खतरा भले कम हो गया हो लेकिन राज्य सरकार पूरी चौकसी बरत रही है। गुजरात सरकार ने तटीय जिलों में निचले इलाकों और कच्चे मकानों में रह रहे तीन लाख से अधिक लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इन लोगों के लिए राहत शिविर लगाए गए हैं जहां उनके लिए खाने पीने रहने का इंतजाम है। वहीं दीव में भी तेज बारिश हो रही है और हवाएं चल रही है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बंदरगाहों और हवाईअड्डों पर परिचालन तथा बस और ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। तटरक्षक बल, सेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। तटीय जिलों में   एनडीआरएफ की लगभग 52 टीम और सेना की 11 टुकड़ी  तैनात की गई हैं। इसके अलावा सेना की 24 टुकड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व रखी गई हैं। इस बीच जाफरबाद में एक गर्भवती महिला को एनडीआरअफ की टीम ने नाव के जरिए बाहर निकाला और समय रहते अस्पताल पहुंचाया। लोगों की दिक्कतों को देखते हुये सरकार ने तमाम इंतजाम किए हैं। पश्चिम रेलवे  विशेष राहत ट्रेनें चला रही है। विशेष ट्रेनें गांधीधाम, भावनगर पारा, पोरबंदर, वेरावल और ओखा से प्रत्येक जगह से चलेंगी ताकि वहां से लोगों को निकालने में मदद मिले। इस तरह की दो विशेष ट्रेन राजकोट मंडल में और एक ट्रेन भावनगर मंडल में चलाई गई है जिससे कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों से यात्रियों को निकाला जा सके। रेलवे ने चक्रवात के चलते 77 ट्रेनों को रद्द और 33 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है।कच्छ और सौराष्ट्र में सभी हवाईअड्डों को अपना परिचालन पूरी तरह बंद करने को कहा गया है, इसलिए अहमदाबाद हवाईअड्डे से इन गंतव्यों को जाने वाली उड़ानें बंद हैं। समुद्री तट पर होने वाली सभी गतिविधियों पर विराम लगा दिया गया है। 

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Source: INDIA NEWS CENTRE

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