Sushant Singh Case: Central govt. accepts Bihar government's recommendation, case transferred to CBI
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उसने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की पीठ ने कहा कि अभिनेता की मौत के पीछे का सच सामने आना चाहिए। केंद्र की ओर से पेश महाधिवक्ता तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि बिहार सरकार की सीबीआई जांच संबंधी सिफारिश स्वीकार कर ली गई है।
सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत करते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पटना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। चक्रवर्ती ने इस मामले को पटना पुलिस से मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की याचिका न्यायालय में दायर की है। अदालत ने सभी पक्षों को तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब मामले पर एक हफ्ते बाद सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सर्वोच्च अदालत के समक्ष कहा कि केंद्र ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करने वाले बिहार सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। इस मामले में सॉलिसिटर जनरल खुद पेश हुए और उन्होंने कहा कि मामला अब सार्वजनिक पटल पर है।
वहीं रिया की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील श्याम दीवान ने कहा कि मेहता की तरफ से जो कहा गया, यहां वह मामला नहीं है। ऐसे में अदालत को रिया की याचिका पर गौर करना चाहिए। उन्होंने सभी मामले पर रोक लगाने की मांग की। दीवान ने कहा कि एफआईआर अधिकार क्षेत्र के अनुसार नहीं है। इसपर अदालत ने कहा कि सुशांत की मौत के मामले का सच सामने आना चाहिए।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय ने कहा कि सुशांत काफी टैलेंटिड और उभरते हुए कलाकार थे। उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो जाना चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है। रिया के वकील ने कहा कि बिहार में दर्ज एफआईआर को मुंबई स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने दलील देते हुए कहा कि सुशांत मामले में मुंबई पुलिस अब तक 59 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
बता दें कि सुशांत ने मुंबई के उपनगर बांद्रा में 14 जून को आत्महत्या कर ली थी। मुंबई पुलिस के अलावा बिहार पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है। अभिनेता के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने 25 जुलाई को रिया चक्रवर्ती, उनके परिवार के सदस्यों और छह अन्य के खिलाफ उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर पटना पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी।