Indian Railway planning to run trains on hydrogen, Railway future projects 2025
रेलवे डेस्क: पहले ट्रेनें कोयले से चलती थीं. इसके बाद नई तकनीक आई और डीजल के इंजन आए. फिर बिजली से चलने वाले इंजन आए हैं. इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे देशभर की सभी रेल लाइनों का इलेक्ट्रिफिकेशन कर रहा है और 2030 जीरो कार्बन पैदा हो सके. इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए फ्यूल के रूप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि हाइड्रोजन को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, वहीं भारतीय रेलवे सभी समस्याओं का समाधान करते हुए हाइड्रोजन ट्रेन जल्द चलाने की तैयारी कर रहा है।
रेल मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार हाइड्रोजन फ्यूल सेल और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है. इसका टेस्ट सफल रहा है. सेल के डिजाइन और हाइड्रोजन प्लांट अप्रूव हो गए हैं. हाइड्रोजन को लेकर एक सवाल सुरक्षा को लेकर उठ रहा है, क्योंकि यह तीव्र ज्वलनशील है. मंत्रालय के अनुसार इसे लेकर ग्लोबल एजेंसी हायर की गयी थी, जिसनें अप्रूवल दे दी है. इतना ही नहीं रेलवे ने मौजूदा डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डीईएमयू) को हाइड्रोजन फ्यूल के लिए रेट्रो फिटमेंट का काम आवार्ड कर दिया है. देश का पहला प्रोटोटाइप इंजन आईसीएफ चेन्नई में बनाने का प्लान है. मंत्रालय के अनुसार इस साल इंजन बनना शुरू होने की पूरी संभावना है।
हाइड्रोजन को लेकर उठे सवाल
जहां एक ओर हाइड्रोजन को स्टोर करना एक बड़ी समस्या है, वहीं इसे तैयार करने में बिजली खर्च होती है और बिजली बनाने में 75 फीसदी कोयले का इस्तेमाल होता है. इस संबंध में रेलवे के अधिकारी का कहना है कि रेलवे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोजन ट्रेन तैयार कर रहा है. रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रोजेक्ट नियमित अपडेट लेते रहते हैं.
ये है रेलवे का प्लान
रेलवे मंत्रालय के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का उद्देश्य पर्यावरण को संरक्षित करना है. इसलिए इस इंजन को पहाड़ी इलाकों मसलन कालका शमिला जैसे रूटों पर चलाया जाएगा. जिससे इस इंजन पर पर्यावरण पर किसी का अतर न पड़े.